यह फतेहपुर सीकरी में एक अलग पत्थर का टower है, जिसे अकबर ने गुजरात पर अपनी जीत के उपलक्ष्य में बनवाया था, और यह दुनिया के सबसे ऊंचे द्वारों में से एक है जो 54 मीटर ऊंचा है।
1919 में हुए इस नरसंहार में जनरल डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों ने अमृतसर के एक बंद बाग में इकट्ठा हुए निहत्थे नागरिकों पर गोली चलाई, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और यह स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गया।
ओडिशा का यह शास्त्रीय नृत्य रूप त्रिभंगी मुद्रा द्वारा विशेषता है जिसमें शरीर के तीन मोड़ और तरल गतिविधियाँ शामिल हैं, और इसके विषय मुख्य रूप से भगवान जगन्नाथ और राधा-कृष्ण के जीवन से लिए गए हैं।
यह 15वीं सदी की कश्मीरी रहस्यवादी कवयित्री, भगवान शिव के प्रति समर्पित, ने कश्मीरी में 'वाख' नामक पद्य रचनाएं की हैं और कश्मीरी भाषा की माता तथा शैव परंपरा की संत के रूप में सम्मानित हैं।